आदमी नामा

नज़ीर अकबराबादी


Available Answers

  1. 1.

    पहले छंद में कवि की दृष्टि आदमी के किन-किन रूपों का बखान करती है? क्रम से लिखिए।

  2. 2.

    ‘आदमी नामा’ शीर्षक कविता के इन अंशों को पढ़कर आपके मन में मनुष्य के प्रति क्या धारणा बनती है?

  3. 3.

    इस कविता का कौन-सा भाग आपको सबसे अच्छा लगा और क्यों?

  4. 4.

    आदमी की प्रवृत्तियों का उल्लेख कीजिए।

  5. 5.

    निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग को स्पष्ट कीजिए –

    पढ़ते है आदमी ही कुरआन और नमाज़ यां
    और आदमी ही उनकी चुराते हैं जूतियाँ
    जो उनको ताड़ता है सो वो भी आदमी

  6. 6.

    निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग को स्पष्ट कीजिए –

    पगड़ी भी आदमी को उतारे है आदमी
    चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
    और सुनके दौड़ता है सो वो भी आदमी

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